इंसान की पहली तस्वीर ये तस्वीर चार मई1838 को खींची गई थी। ये पहली तस्वीर है, जिसमें कैमरे के सामने कोई इन्सान दिखाई दिया था क्योंकि इस से पहले वाले कैमरों में तस्वीर खींचने के लिए 8 घंटे का एक्सपोज़र शॉट चाहिए होता था, जिस वजह से उनमें किसी बड़े इलाक़े (जंगल, रेगिस्तान वग़ैरा की तस्वीर तो खींची जा सकती थी मगर हिलती हुई चीज़ (इन्सान, जानवर, परिंदों वग़ैरा) की तस्वीर नहीं खींची जा सकी थी। सन1838 को Louis Daguerre ने एक कैमरा ईजाद किया, जिसके ज़रीये एक्सपोज़र टाइम को8 घंटे से कम करके पाँच मिनट कर दिया गया था। जब उन्होंने अपनी खिड़की से पैरिस की ये तस्वीर खींची तो उस वक़्त गली घोड़ा गाड़ियों और इन्सानों से भरी हुई थी मगर वो एक्सपोज़र टाइम ज़्यादा होने की वजह से तस्वीर में ना आ सके मगर इस गली में एक मुक़ाम पर दो इन्सानों की तस्वीरे रिकार्ड हो गई। उनमें से एक वो इन्सान था जो अपने जूते पालिश करवाने के लिए चंद मिनट रुका था जबकि दूसरा इन्सान वो मोची था जो जूते पालिश कर रहा था। यूं ये दो इन्सान तारीख़ इन्सानी में किसी भी कैमरे में रिकार्ड होने वाले पहले इन्सान बन कर अमर हो गए। इस तस्वीर को Boulevard du Temple का नाम दिया गया










