बनारस केसरी बलिया,नगरा। मुहर्रम को लेकर प्रशासन और स्थानीय मुस्लिम समाज के बीच विवाद खड़ा हो गया है।प्रशासन ने ताजिया की ऊंचाई 15 फीट तक सीमित करने का निर्देश दिया है।

नगरा नगर पंचायत में प्रदेश में प्रसिद्ध सदियों से चली आ रही ताजिया जलूस जो ताजिया 55 फिट से 60 फिट की बनाई जाती थी। इस साल वह ताजिया जलूस नहीं निकली जाएगी।
इस संदर्भ में मु०सफीक अहमद (एडवोकेट), मु० रिजवानुल्लाह खान(खुदी पठान),शफीक अहमद , राजा, सरिक अली, रिजवान अहमद, कैफ अंसारी, वाजिद राइन, साजिद राइन, रिजवानुलाखान, शाह आलम, इस्तियाक, शिवकुमार, असलम, कन्हैया, वाजिद अहमद, राजा अली निजामुद्दीन आदि ने जिलाधिकारी से इस संबंध में वार्ता किया । जिलाधिकारी को पत्र सौंपकर ताजिया की ऊंचाई निर्धारित करने की मांग की।मुहर्रम जुलूस के संरक्षक एडवोकेट शफीक अहमद एडवोकेट ने प्रशासन के इस निर्णय का विरोध किया है।

उनका कहना है कि सैकड़ों वर्षों से नगरा का ऐतिहासिक ताजिया जुलूस निकलता है, जिसे देखने दूर-दूर से लोग आते हैं।स्थानीय हिंदू और मुस्लिम समाज ने प्रशासन के इस निर्णय को एकतरफा एवं तुगलगी करार दिया है। उन्होंने बैठक कर जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को पत्र सौंपने का निर्णय लिया है। मुस्लिम समाज के लोगों ने कहा है कि अगर परंपरागत तरीके से जुलूस नहीं निकलने दिया गया तो इस वर्ष मुहर्रम नहीं मनाया जाएगा और न ही ताजिया उठाया जाएगा।जिलाधिकारी ने कहाँ कि अगर आपको ताजिया जलूस मोहर्रम का त्यौहार मानना है, तो आप 15 फिट की ही ताजिया बना कर मनाए। इसके अलावा मैं आपकी कोई मदद नहीं कर सकता।
रिपोर्टर मुकेश कुमार श्रीवास्तव, नगरा बलिया










