बनारस केसरी नगरा बलिया। गौ-रक्षा के नाम पर सरकार द्वारा चलाई जा रही गौशालाओं की हालत जिला बलिया के नगरा और चिलकहर ब्लॉक में संतोषजनक नहीं है। सरकारी गौशालाओं में लापरवाही और उचित व्यवस्था न होने के कारण गोवंश दम तोड़ रहे हैं। मौत के बाद मवेशियों का शव गौशाला में ही सड़ रहा है। इससे उठने वाली दुर्गंध ने लोगों का जीना दुश्वार कर दिया है। यहां 130 मवेशियों को रखा गया है। उनकी देखभाल के लिए 4 लोगो को रखा गया है, लेकिन व्यवस्था बद से बदतर है। परिसर में कई मवेशियों ने दम तोड़ दिया है। कोई जिम्मेदार अफसर इन्हें हटाने की सुध भी नहीं ले रहा है। अब तक कई मवेशियों की मौत भी हो चुकी है।
नगरा ब्लॉक से मिली शिकायतें
1. चारा-पानी की किल्लत: कई गौशालाओं में समय पर हरा चारा और साफ पानी नहीं पहुंच रहा। बरसात में चारा सड़ने और कीचड़ की समस्या आम है।
2. शेड और छाया की कमी: कुछ गौशालाओं में टीनशेड टूटे हैं। तेज धूप और बारिश में गोवंश को खुले में रहना पड़ रहा है।
3. स्टाफ की कमी: एक-दो कर्मचारियों के भरोसे 50+ गोवंश। बीमार पशुओं की देखभाल समय पर नहीं हो पा रही।
चिलकहर ब्लॉक की स्थिति
यहां भी ग्रामीणों ने आरोप लगाए हैं कि:
– इलाज का अभाव: गौशाला में नियमित पशु चिकित्सक नहीं आते। घायल और बीमार गौवंश को महीनों तक ऐसे ही छोड़ दिया जाता है।
– साफ-सफाई नहीं: गोबर और गंदगी की सफाई रोज नहीं होती, जिससे मक्खी-मच्छर और बीमारियां बढ़ रही हैं।
– रिकॉर्ड में हेराफेरी: कागजों पर जितना चारा और अनुदान दिखाया जाता है, उतना मौके पर नहीं मिलता।
स्थानीय लोगों का कहना है कि “गौशाला सिर्फ कागजों में चल रही है। रात में कई बार आवारा पशु बाहर निकलकर फसल भी बर्बाद कर देते हैं।”
प्रशासन का जवाब
बलिया के मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने कहा कि “हमें नगरा और चिलकहर से कुछ शिकायतें मिली हैं। टीम भेजकर जांच कराई जा रही है। दोषी पाए जाने पर गौशाला समिति और केयरटेकर पर कार्रवाई होगी।”
जिला प्रशासन ने सभी गौशालाओं में रजिस्टर, CCTV और चारे की गुणवत्ता जांच के निर्देश दिए हैं।
ग्रामीणों की मांग
1. हर गौशाला में पक्का शेड, पीने के पानी की टंकी और हरे चारे की व्यवस्था
2. सप्ताह में 2 बार पशु चिकित्सक की विजिट अनिवार्य हो
3. गौशाला के खर्च और चारे की खरीद का सोशल ऑडिट गांव के सामने हो
कानून: पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 के तहत गोवंश को भूखा-प्यासा रखना और इलाज न देना दंडनीय अपराध है। शिकायत के लिए 1962 हेल्पलाइन या जिला पशुपालन कार्यालय, बलिया से संपर्क किया जा सकता है।
रिपोर्टर ,मुकेश कुमार श्रीवास्तव








